ऑटो में मांग बढ़ने की संभावना, कंपनियों का आगे बढ़ने का तरीका उत्साहजनक

मार्केट रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर है। हालांकि हम जानते हैं कि कुछ ही बड़े स्टॉक ने मार्केट को हाई किया है। सेक्टोरल सूचकांकों में बैंकिंग, एनर्जी और एफएमसीजी टॉप परफॉर्मर थे। स्वामित्व वाले क्षेत्रों में जैसे फार्मा, मेटल, ऑटो ने अच्छी रिकवरी की है। वर्तमान में, हम निवेशकों को इन क्षेत्रों पर विचार करने की सलाह देंगे।



ऑटो- ऑटो सेक्टर में मांग में सुधार होगा। 2020 की दूसरी तिमाही की कमाई को लेकर मैनेजमेंट की टिप्पणी और प्रमुख ऑटो कंपनियों का आगे बढ़ने का तरीका उत्साहजनक है। ऑटो सेक्टर में महिंद्रा एंड महिंद्रा, सुब्रोस और मारुति में हम निवेश कर सकते हैं।



बैंकिंग/ एनबीएफसी- बैंकिंग की कई कंपनियों ने कमाई सीजन में सुधार के संकेत दिए हैं। इसके अलावा, सरकार और आरबीआई के उपाय जैसे कि कम ब्याज दर, कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, एफडीआई मानदंडों में ढील, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के जीएसटी दर में कटौती और पुन: पूंजीकरण निश्चित रूप से इस क्षेत्र के लिए सकारात्मक है। इस सेक्टर में निवेश के लिए उन्हीं को चुनना चाहिए जो नकदी समस्या से न जूझ रहे हों, एसेट क्वालिटी बेहतर हो।



मेटल- 2019 में अब तक ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन और यूएस चाइना ट्रेड-वार पर इस सेक्टर की चिंताओं ने मार्केट को गंभीर रूप से कमजोर किया है। बहुत सारी भारतीय और वैश्विक कंपनियां स्लोडाउन से मुकाबले के लिए कास्ट-कटिंग कर रही है। इस कारण से यह लाभ उनके बैलेंस शीट में दिख सकता है।



फार्मा एंड हेल्थ केयर- भारतीय फार्मा कंपनियाें ने मानसून संबंधित बीमारियों और नए दवाओं की लॉन्चिंग के आधार पर अच्छा प्रदर्शन दिखाया है। हालांकि यूएसएफडीए द्वारा उठाए गए गुणवत्ता संबंधित मुद्दों का भी सामना करना पड़ रहा है। अगले तिमाही के प्रदर्शन को देख कर ही निवेश सही रहेगा।



बाजार के उतार चढ़ाव की स्थिति में भी एफएमसीजी सेफ
यह निवेशकों के लिए हमेशा से पसंदीदा क्षेत्र रहा है। एफएमसीजी बाजार के उतार चढ़ाव की स्थिति में सबसे रक्षात्मक क्षेत्र माना जाता है। हम ब्रिटानिया, कोलगेट और मैरिक जैसे स्टॉक को लेकर सकारात्मक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री में बढ़ोतरी और कॉरपोरेट टैक्स कटौती का इनको फायदा मिल सकता है।