नया साल हमारे लिए नई उम्मीदें, नए आइडियाज और हमारे भविष्य को पहले से बेहतर बनाने के लिए नए मौके भी लाता है। एक बेहतर भविष्य के लिए मज़बूत आर्थिक स्थिति होना जरूरी है। इसके लिए ज़रूरी कदम उठाने के लिए नए साल की शुरुआत से बेहतर और कोई समय नहीं हो सकता। हम यहां पर्सनल फाइनेंस से जुड़े ऐसे 5 स्मार्ट कदमों के बारे में चर्चा करेंगे जो आपको नव वर्ष 2020 में एक मजबूत वित्तीय शुरुआत करने में मदद करेंगे।
ये हैं 5 स्मार्ट कदम
पर्याप्त इमरजेंसी फंड बनाएं और बरकरार रखें
जीवन में अचानक आने वाली आर्थिक मुश्किलों से निपटने के लिए पर्याप्त इमरजेंसी फंड होना बेहद जरूरी है। अचानक नौकरी चली जाए या कोई गंभीर बीमारी हो जाने जैसी स्थितियों के कारण थोड़े वक्त के लिए आपकी नियमित आमदनी रुक सकती है। ऐसे मौकों पर ही इमरजेंसी फंड आपका साथ देता है। यह फंड आपके नियमित मासिक खर्चों के साथ ऋण ईएमआई, इंश्योरेंस प्रीमियम आदि की कुल राशि का कम से कम छह गुना होना चाहिए। इसके अलावा, एक बार इमरजेंसी फंड बना लेने के बाद आपका काम खत्म नहीं हो जाता। बल्कि, आगे भविष्य में जब भी आपके मासिक खर्चे बढ़ते हैं, तो अपने फंड का आकार भी उसी अनुपात में बढ़ाना जरूरी होगा।
पर्याप्त हेल्थ एवं टर्म इंश्योरेंस खरीदें
इंश्योरेंस पॉलिसियों के रूप में पर्याप्त सुरक्षा होने से जीवन की अनिश्चितताओं का सामना करने में मदद मिलती है। इसलिए, अपने लिए लाइफ कवर प्राप्त करने के लिए एक टर्म इंश्योरेंस खरीदें, जिसकी कवरेज राशि आपकी वार्षिक आमदनी का कम से कम 15 गुना होनी चाहिए। यह पॉलिसी आपकी असमय मृत्यु होने पर आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी और आपकी गैर-मौजूदगी में उनकी आमदनी का स्रोत भी बनेगी। याद रखें कि टर्म इंश्योरेंस के लिए आप जो प्रीमियम चुकाते हैं, वह सेक्शन 80सी के अंतर्गत टैक्स छूट के लिए पात्र होता है। टर्म इंश्योरेंस के अलावा, एक विश्वसनीय हेल्थ पॉलिसी खरीदना भी समझदारी वाला कदम होगा। लगातार बढ़ते मेडिकल खर्चों के मद्देनजर, अगर आप एक बार भी अस्पताल में भर्ती होते हैं तो आपकी जीवनभर की बचत पूंजी स्वाहा हो सकती है। ऐसे में अपने और अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदकर आप बड़े मेडिकल खर्चों से निपटने के लिए तैयारी कर सकेंगे। आप जिस कंपनी में नौकरी करते हैं, अगर वहां से आपको हेल्थ कवर दिया जाता है तो पूरी तरह से उस पर निर्भर ना रहें। यह पॉलिसी तब तक ही वैध रहेगी जब तक आप यहां नौकरी करते रहेंगे, उसके बाद नहीं।
लक्ष्य आधारित निवेश रणनीति पर ध्यान दें
हर महीने एक अमूक राशि निवेश करना और इस निवेश के लिए दिमाग में कोई विशिष्ट लक्ष्य एवं निवेश अवधि ना रखने की बजाय यह बेहतर होगा कि आप एक लक्ष्य आधारित निवेश रणनीति को अपनाएं। ऐसा करते हुए आप अपने विभिन्न जीवन लक्ष्यों को पूरा कर सकेंगे। चाहे एक घर या कार खरीदने का लक्ष्य हो या फिर अपने बच्चे की उच्च शिक्षा अथवा अपने रिटायरमेंट के लिए एक निश्चित पूंजी जमा करनी हो। सबसे पहले आप अपने लक्ष्यों को एक कागज पर लिखें और उन्हें पूरा करने के लिए अपने पास मौजूद समय अवधि भी लिखें। जल्द से जल्द निवेश शुरू करने से आपको लंबी निवेश अवधि के रूप में अधिक समय मिल सकेगा और आपका पैसा इस लंबी अवधि तक निवेशित रहकर आपके लक्ष्यों की पूर्ति में मददगार बनेगा। अपने पैसों को इक्विटी में निवेश करने के बारे में सोचें क्योंकि एक एसेट क्लास के रूप में इक्विटी ने लगातार दूसरे एसेट क्लासेस और मंहगाई को भी लंबी अवधि में काफी पीछे छोड़ा है। ऐसे में यह आपके लिए सर्वश्रेष्ठ निवेश साधन बनता है, जो 5 वर्ष या इससे अधिक वाले आपके लंबी अवधि के लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार होगा।
अच्छे क्रेडिट स्कोर के लिए जरूरी कदम उठाएं
हमारे आर्थिक जीवन में क्रेडिट स्कोर का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऋणदाता कंपनियां इसके आधार पर अपने ग्राहक की क्रेडिट विश्वसनीयता का आकलन करती हैं और अपनी ब्याज दरें तय करती हैं। इन सब बातों के कारण ना सिर्फ एक मजबूत क्रेडिट स्कोर बनाना जरूरी हो जाता है, बल्कि उसे बरकरार रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। आपके नियमित अंतराल पर अपना क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट देखने की आदत डालनी चाहिए। नियमित निगरानी रखने से आपको अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गलत जानकारी अथवा किसी जालसाजी की घटना को पकड़ने और जल्द से जल्द उसमें सुधार कराने में मदद मिलेगी।
रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करें
नौकरीपेशा जीवन के शुरुआती वर्षों में हम जीवन लक्ष्यों को पूरा करने की जद्दोजहद में व्यस्त रहते हैं। घर खरीदना, गाड़ी खरीदना, बच्चे की उच्च शिक्षा या शादी के लिए पूंजी जुटाने जैसे लक्ष्यों की मौजूदगी में खुद के लिए रिटायरमेंट पूंजी बनाने का बेहद जरूरी लक्ष्य अक्सर टल जाता है। आपको यह समझना होगा कि रिटायरमेंट पूंजी जमा करना भी अन्य लक्ष्यों के बराबर ही महत्वपूर्ण है। इस लक्ष्य के लिए देरी से शुरुआत करेंगे तो आपको पर्याप्त रिटायरमेंट पूंजी समय पर तैयार करने के लिए आर्थिक तंगी से गुज़रना पड़ सकता है। इसलिए हमेशा समझदारी इसी में होगी कि इस लक्ष्य के लिए जितनी जल्दी संभव हो निवेश की शुरुआत करें।